उत्तराखंड

CM तीरथ सिंह रावत ने सेना के रिटायर्ड डाॅक्टर्स से मांगी मदद, कहा-काेविड पाॅजिटिवों की करें सेवा

उत्तराखंड सरकार ने डॉक्टर और मेडिकल स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। डीएम और मेडिकल कॉलेजों को सेना और निजी अस्पतालों के डॉक्टर और मेडिकल स्टॉफ को अनुबंध पर भर्ती करने आदेश दिए हैं। सीएम तीरथ सिंह रावत ने भी सेना, अर्धसैनिक बलों और राज्य सेवाओं से रिटायर्ड डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉफ से राज्य में सेवाएं देने की अपील की है। शनिवार को मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने वीडियो संदेश में कहा कि केंद्र, राज्य सरकारों, सेना, अर्द्ध सैनिक बलों से पिछले पांच वर्ष में रिटायर हुए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ, टैक्नीशियन, स्टॉफ नर्स और अन्य मेडिकल सहायक महामारी के इस दौर में स्वेच्छा से सेवाएं देकर राज्य की मदद करें।

इधर, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने स्वास्थ्य महानिदेशक को डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉफ की एनएचएम के तहत तय मानेदय देते हुए अनुबंध के आधार पर निुयक्तियां करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए डीएम और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को अधिकृत किया गया है। वह राज्य सरकार, केंद्र सरकार, सेना, अर्द्धसैनिक बल, आर्मी मेडिकल कोर और निजी पंजीकृत डॉक्टरों को अगले साल 28 फरवरी या कोरोना खत्म होने तक अनुबंध पर ले सकते हैं। अनुबंध पर लिए जाने वाले चिकित्सकों की अधिकतम उम्र 70 साल और शारीरिक रूप से स्वस्थ्य होना जरूरी है। इसी तरह पैरोमेडिकल स्टॉफ, टैक्नशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य के लिए अलग से पद सृजित किए गए बगैर अनुबंध पर निश्चित मानदेय पर सीधे तैनाती दी जाएगी।