उत्तराखंड

उत्तराखंड में महिलाओं-बच्चों की एनीमिया होगी दूर,खून की कमी को मिटाने के लिए ये उठेंगे कदम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की समस्या दूर करने के लिए जल्द योजना शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी जरूरी सुविधाएं देने को कहा है। शनिवार को महिला सशक्तिकरण बाल विकास विभाग की ऑनलाइन समीक्षा करते हुए सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। केंद्रों पर पेयजल, विद्युत की सुचारू आपूर्ति हो। महिलाओं और बच्चों को दिया जाने वाला अतिरिक्त पोषाहार समय पर दिया जाए। सीएम ने टेकहोम राशन भी समय पर उपलब्ध कराने को कहा।

सीएम ने कहा कि महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की समस्या को नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई जाय। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में 20 हजार 33 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है। बाल पोषाहार योजना के तहत कोविड-19 के कारण अभी कुक्ड मील के स्थान पर टेक होम राशन का वितरण किया जा रहा है। छह माह से तीन वर्ष के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को प्रत्येक माह की पांच तारीख को टेक होम राशन का वितरण किया जाता है।

मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान के तहत तीन से छह वर्ष के बच्चों को सप्ताह में दो दिन केला और दो दिन अण्डा दिया जा रहा है। नंदा-गौरा योजना के तहत जिन परिवारों की वार्षिक आय 72 हजार रूपये से कम है, उनको बालिका के जन्म पर 11 हजार रूपये एवं 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रूपये की धनराशि दी जा रही है। बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, सचिव एचसी सेमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।