उत्तराखंड

देश का पहला अस्पताल बना एम्स ऋषिकेश जहां एयर लिफ्ट होकर पहुंचेगे गंभीर मरीज

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में मंगलवार को एयर एंबुलेंस सेवा की ट्रॉयल लैंडिंग सफल रही। एम्स ऋषिकेश देश का पहला ऐसा अस्पताल बन गया है, जिसमें हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध है। इससे राज्य के विभिन्न इलाकों में आपदा के समय घायल होने वाले लोगों को सुगमता से इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा सकेगा।

जिससे आईडीपीएल, जौलीग्रांट आदि स्थानों पर एयर लिफ्ट कर लाए जाने वाले मरीजों को एम्स तक पहुंचाने में लाइफ सेविंग की दृष्टि से होने वाली देरी अब नहीं होगी। राज्य के विभिन्न इलाकों में होने वाली आपदाओं अथवा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को राज्य सरकार की ओर से एयर लिफ्ट करके एम्स में भर्ती कराया जाता है।

इससे पूर्व घायलों को आईडीपीएल हेलीपैड, जौलीग्रांट आदि स्थानों पर हेलीकाप्टर को उतारकर घायलों को सड़क मार्ग से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जाता था। जिससे मरीजों को एम्स तक पहुंचाने और उपचार में विलंब होने से खासकर ट्रॉमा पेशेंट की रिकवरी में जोखिम बना रहता है।

तत्काल एम्स में उपचार के लिए पहुंचाने को एम्स प्रशासन ने कैंपस में हेलीपैड बनाया है। सिविल एविएशन की गाइडलाइन्स के अनुसार, एम्स प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण के मानकों पर आधारित हेलीपैड तैयार कर दिया था।

जिसे बीते रोज नागर विमान मंत्रालय के तहत कार्यरत डीजीसीए द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया गया। डीजीसीए की एनओसी के बाद मंगलवार को एम्स के हेलीपैड पर पहली ट्रॉयल लैंडिंग सफलतापूर्वक कर ली गई। ट्रायल लैंडिंग में एम्स के निदेशक प्रो रविकांत जौलीग्रांट से एम्स परिसर में हेलीकॉप्टर  एंबुलेंस से पहुंचे। उन्होंने इस बारे में जानकारी दी।