उत्तराखंड

उत्तराखंड में 24 मई के बाद तेजी से बढ़ा कोरोना का ग्राफ, पहाड़ में भी तेजी से फैला संक्रमण

राज्य में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। शुरू में मरीजों के पॉजिटिव मिलने की रफ्तार बेहद धीमी थी। लेकिन 15 मई के बाद से मरीजों की संख्या में उछाल आया है।

24 मई के बाद से तो राज्य में मरीजों की संख्या अप्रत्याशित तेजी से बढ़ रही है। रविवार को राज्य में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 802 पहुंच गई है।

कोरोना का पहला मरीज राज्य में 15 मार्च को आया था। स्पेन से लौटे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के एक ट्रेनी आईएफएस की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

उसके बाद से राज्य में मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। शुरू में विदेश से लौटे नागरिकों में कोरोना वायरस पाया गया था। विदेश से आए केवल सात लोग ही राज्य में पॉजिटिव आए और विदेशियों से राज्य में संक्रमण फैलने से रोकने में स्वास्थ्य विभाग कामयाब रहा।

उसके बाद जमातियों की वजह से राज्य में मरीजों की संख्या बढ़ी लेकिन सरकार ने कड़े कदम उठाकर जमातियों में कोरोना संक्रमण को भी काबू कर लिया। राज्य में पहला मरीज मिलने के दो महीने बाद तक हालात सामान्य ही चल रहे थे लेकिन प्रवासियों की वापसी के बाद से मरीजों की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है।

राज्य में अभी तक पॉजिटिव पाए गए कुल कोरोना मरीजों में से 80 प्रतिशत से अधिक प्रवासी हैं। प्रवासियों की राज्य में वापसी की प्रक्रिया चार मई से शुरू हो गई थी।

15 मई आते आते प्रवासियों की वापसी बढ़ी और उसके साथ ही मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। एक ही दिन में बड़ी संख्या में मरीजों के आने से 24 मई के बाद से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

पिछले एक सप्ताह के दौरान राज्य में छह सौ के करीब मिले हैं। राज्य में अभी तक पॉजिटिव पाए गए प्रवासियों में सबसे बड़ी संख्या महाराष्ट्र से आए लोगों की है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार पॉजिटिव पाए गए प्रवासियों में से 70 प्रतिशत से अधिक मरीज महाराष्ट्र से लौटे प्रवासी हैं।

पहाड़ में भी तेजी से फैला संक्रमण 
राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिले पहला मरीज मिलने के दो महीने बाद तक   ग्रीन जोन में थे। लेकिन 24 मई के बाद पर्वतीय जिलों में मरीजों के पॉजिटिव आने से तस्वीर बदल गई और सभी जिले ऑरेंज श्रेणी में आ गए। अब मैदान के साथ ही पहाड़ के जिलों में भी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। जिससे सरकार की चुनौती बढ़ रही है।