उत्तराखंड

उत्तराखंड में बस-टैक्सी के लिए नई गाइडलाइन बनेगी, जानें किन विक्लपों पर हो रहा विचार

सार्वजनिक परिवहन को पटरी पर लाने के राज्य में जल्द नई गाइडलाइन जारी हो सकती है। गाइडलाइन में किराया बढ़ाने, पूरी क्षमता में सवारी बैठाने समेत चार विकल्पों पर विचार हो रहा है।  कोरोना काल में सरकार ने 50% यात्रियों पर सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट चलाने की अनुमति दी है, पर आधी सवारी में संचालक चलने को तैयार नहीं हैं। टैक्सी वाले भी बुकिंग पर ही चल रहे हैं। इधर, सरकार ने परिवहन सचिव शैलेश बगौली और परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी से वर्तमान में चल रहे वाहनों का ब्योरा मांगा है।

इन विकल्पों पर विचार 
विकल्प- 01
कोरोना वायरस के चलते जारी संकटकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़े वाहनों का किराया बढ़ाया जा सकता है।

विकल्प- 02 
परिवहन विभाग के अफसरों के अनुसार कुछ राज्यों में पूरी सवारी क्षमता पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट चल रहा है। उत्तराखंड में भी इस पर विचार किया जा सकता है।

विकल्प- 03
सरकार 50% सवारी पर होने वाले नुकसान की भरपाई सकती है। टैक्स-बीमा में छूट पर भी विचार हो सकता है।

विकल्प- 04 
सरकार रोडवेज की बसों का संचालन कर सकती है। कर्मचारियों का वेतन सरकार खुद दे रही है। डीजल और अन्य खर्च संचालन से पूरे हो जाएंगे।

हम अन्य राज्यों की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था का अध्ययन कर रहे हैं। किराया बढ़ाने और पूरी क्षमता पर गाड़ी चलाने समेत अन्य कई बिंदुओं पर भी विचार किया जा रहा है। नई गाइडलाइन शासन स्तर से जारी होनी है।