उत्तराखंड

उत्तराखंड आपदा: सरकार ने जारी किए आंकड़े, तबाही में 204 लोग लापता, 34 शव बरामद

उत्तराखंड मेें ग्लेशियर के फटने से जो त्रासदी हुई उसमें अब तक कई जिंदगिया चली गई हैं। अभी भी कई लोगों को ढ़ूढ़ा जा रहा है। लोगों को बचाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक चमोली में आई तबाही में 34 शव बरामद कर लिए गए हैं जिनमें से अब तक 10 शवों की पहचान हो चुकी है और अब भी करीब 170 लोग लापता हैं।

ग्लेशियर फटने से बीते दिनों उत्तराखंक के चमोली में भीषण आपदा आई थी, जिसने कई लोगों की जान ले ली। अब स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आईटीबीपी की जवान लगे हुए हैं। तपोवन टनल में ड्रिलिंग का काम भी जारी है। आईटीबीपी के डीआईजी अपर्णा कुमार ने कहा कि टेक्निकल टीम सर्वे और रेक्की कर रही है। तपोवन टनल में ड्रिलिंग का काम चल रहा है।

वहीं, आईटीबीपी के जवान चमोली के उन गांवों में झूला पुल बनाने में जुटे हैं, जिनका आपदा के कारण संपर्क टूट गया था। इस पुल का इस्तेमाल उन गांवों में रहने वाले लोगों तक तक राशन पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की सुरंग में टनों गाद और मलबा आने के कारण बचाव अभियान में आ रही मुश्किलों को देखते हुए उसमें फंसे 30-35 लोगों को ढूंढने के लिए ड्रोन तथा रिमोट सेंसिंग उपकरणों की मदद ली जा रही है।

मौके पर मौजूद उत्तराखंड पुलिस के मुख्य प्रवक्ता और पुलिस उप महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बताया, ”इस समय हमारा सारा फोकस हमारे पास उपलब्ध सभी संसाधानों जैसे ड्रोन और रिमोट सेंसिंग उपकरणों की मदद से सुरंग के अंदर फंसे लोगों को बचाना है।