उत्तराखंड

Unlock: उत्तराखंड में खत्म होगी जोन की व्यवस्था, जानें क्या होगा फायदा

राज्य सरकार अब कोरोना की दृष्टि से जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में नहीं बांटेगी। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सोमवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि कोरोना का प्रसार रोकने के लिए सरकार का पूरा फोकस अब कंटेनमेंट जोन पर होगा।

कंटेनमेंट जोन में सख्ती बढ़ाई जाएगी। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सोमवार को सचिवालय में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार अब जिलों में जोन निर्धारण की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

अब कोरोना की दृष्टि से न कोई जिला रेड जोन में होगा और न ग्रीन या ऑरेंज। उन्होंने बताया कि अब जिलों को जोन में बांटने की बजाए कंटेनमेंट जोन पर फोकस रहेगा और वहां सख्ती की जाएगी।

सरकार के इस निर्णय से देहरादून जिले को खासी राहत मिल गई है।

क्योंकि मानकों के हिसाब से देहरादून जिला रेड श्रेणी में पहुंचने की कगार पर था। मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार कंटेनमेंट जोन पर विशेष फोकस कर रही है।

अब नए मरीज मिलने पर कंटेनमेंट जोन चिह्नित किए जाएंगे और जिला प्रशासन ऐसे क्षेत्रों में सख्ती बरतेगा ताकि संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति तक न पहुंच पाए। इन क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही की इजाजत नहीं होगी।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में वर्तमान में  55 कंटेनमेंट जोन हैं। जरूरत पड़ी तो इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन वायरस के प्रसार को देखते हुए कंटेनमेंट जोन का निर्धारण करता है।

समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है। दून में इस समय 23 और हरिद्वार में 21 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।