उत्तराखंड

उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति के लिए जल्द बनेगा टास्क फोर्स

शिक्षा व्यवस्था में सुधार और एकरूपता लाने के लिए सरकारी-प्राइवेट स्कूलों में समान पाठ्यक्रम व फीस ऐक्ट लाने की जरूरत है। मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के साथ वर्चुअल मंथन में अधिकारियों ने खुलकर इसकी पैरवी की। मंथन के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति का खाका बनाने के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी।

राजीव नवोदय स्कूल स्थित सेंट्रल स्टूडियो में सुबह 11 बजे शुरू मंथन डेढ़ बजे तक चला। इस दौरान अपर निदेशक, सीईओ, डीईओ व डायट प्राचार्यों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि खासकर बेसिक स्तर पर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में मातृभाषा में एक समान पढ़ाई होनी चाहिए।

शिक्षा नीति में प्री-प्राइमरी की व्यवस्था को क्रांतिकारी फैसला बताते हुए अफसरों ने प्री-प्राइमरी में भी बाल मनौविज्ञान में प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की पैरवी की। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अनिवार्य तबादले वाली व्यवस्था खत्म कर सिर्फ अनुरोध के आधार पर तबादले किए जाने चाहिए।

संवाद के अंत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लागू करने से पहले सरकार राज्य के सामाजिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक पहलुओं का अध्ययन करेगी। आज मिले सुझावों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

इनके आधार पर राज्य के अनुसार संशोधन करते हुए नीति लागू की जाएगी। इसका खाका तैयार करने को शिक्षा अधिकारी व गैरसकारी विशेषज्ञों की राज्यस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है।

इस दौरान निदेशक-एआरटी सीमा जौनसारी, एपीडी समग्र शिक्षा अभियान डॉ. मुकुल सती, जेडी एससीईआरटी कुलदीप गैरोला,एडी रामकृष्ण उनियाल, एडी वीएस रावत,अजय नौडियाल, शशि चौधरी, जेडी बीएस नेगी मौजूद रहे।