खेल

साइ ने ओलंपिक को लेकर अधिकारियों और कोचों से की चर्चा

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने शनिवार को हॉकी इंडिया के अधिकारियों और राष्ट्रीय टीम के कोचों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक कर तोक्यो ओलंपिक के मद्देनजर अगले 16 महीने का खाका तैयार किया। दुनियाभर में फैली कोविड-19 महामारी के कारण तोक्यो ओलंपिक को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया। भारत भी इस वैश्विक महामारी के प्रकोप से अछूता नहीं है। साइ ने ओलंपिक का खाका तैयार करने के लिए सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के अध्यक्ष, महासचिव, हाई परफोर्मेंस निदेशक, मुख्य कोच, मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ चर्चा करने की योजना बनायी है।

इसी के तहत साइ के महानिदेशक संदीप प्रधान और अन्य अधिकारियों ने हाकी इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की, जिसमें हाकी इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलिना नॉर्मन, कार्यकारी निदेशक आर के श्रीवास्तव, हाई पार्फोर्मेंस निदेशक डेविड जॉन के अलावा पुरुष और महिला टीमों के मुख्य कोच, ग्राहम रीड और शुअर्ड मारिन शामिल थे। इस बैठक में टीमों के प्रशिक्षण, घरेलू प्रतियोगिताओं की संरचना और विदेशी दौरों सहित खेल से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

साइ के बयान के मुताबिक लाकडाउन के मद्देनजर नयी समस्याओं का समाधान और पहले की बनाई गई रणनीति के विकल्प पर विचार-विमर्श किया गया। पृथक रहने के दौरान शारीरिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा के अलावा लॉकडाउन हटने के बाद खिलाड़ियों की यात्रा को लेकर भी चर्चा की गयी। इस मौके पर महानिदेशक ने बेंगलुरु साइ केन्द्र में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने को लेकर भी चर्चा की जहां भारतीय पुरूष और महिला टीमों के संभावित खिलाड़ी रूके हुए है। पुरुष टीम के मुख्य कोच रीड ओलंपिक के लिए तैयारियों को लेकर आत्मविश्वास से भरे दिखे।

रीड ने कहा, ”हमने अच्छी बैठक करके अगले 16 महीनों की योजना पर चर्चा की। हमने साइ को बताया कि टीम और इससे जुड़े कर्मचारियों की देखभाल सही तरीके से की जा रही और वे पृथक रहने का पालन कर रहे है। उन्होने कहा, ”हमने विभिन्न परिदृश्यों पर चर्चा की और हम उस फैसले का इंतजार कर रहे कि जब हम पूर्ण प्रशिक्षण को फिर से शुरू कर सकते हैं। हमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी योजना तैयार करनी होगी और लचीला रुख अपनाना होगा।

महिला टीम के कोच मारिन भी रीड की बातों से सहमत दिखे। उन्होंने कहा, ”हमने सकारात्मक चर्चा की और स्थिति के सुधरने के बाद अपनी भविष्य की संभावना पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा, ”हमने अगले साल होने वाले ओलंपिक की तैयारी के दौरान खिलाड़ियों को चोट से बचाने के लिए घरेलू टूर्नामेंटों के दौरान भी राष्ट्रीय शिविरों में रखने की जरुरत के बारे में बताया।