उत्तराखंड

विरोध: वेतन कटौती से नाराज कर्मचारी संगठन हुए मुखर, आंदोलन की चेतावनदी दी

उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन हर महीने कर्मचारियों के वेतन में से एक दिन की कटौती के सरकार के फैसले के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है।

संगठन ने पहले महंगाई भत्ता डेढ़ वर्ष तक के लिए स्थगित करने और उसके बाद वेतन कटौती के फैसले को कर्मचारी विरोधी करार दिया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारी विरोध फैसले जल्द वापस न हुए, तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन की शुक्रवार को दून की यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण भवन में बैठक हुई। देहरादून के अलावा अन्य जिलों से पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े।

बैठक में अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार ने कहा कि सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि डेढ़ साल तक को स्थगित कर दी है। इससे कर्मचारियों को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट ने कहा कि खासतौर पर जल्द रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन पर इसका असर पड़ेगा।

मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील दत्त कोठारी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में सबसे अधिक सक्रिय भूमिका सरकारी कर्मचारियों की ही है। ऐसे में पहले डीए और अब वेतन कटौती के निर्णय से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हुआ है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सीएम, मुख्य सचिव व अपर मुख्य सचिव कार्मिक से मिलकर इस कटौती के खिलाफ कर्मचारियों का पक्ष रखा जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यदि कटौती को वापस लेने की मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

बैठक में बनवारी सिंह रावत, अनंतराम शर्मा, संदीप मौर्य, सुभाष देवलियाल, विजय सती, जीएस कपरुवाण मौजूद रहे। संरक्षक मनोहर मिश्रा, नवेंदु मठपाल, रमेश चंद्र जोशी, आशुतोष सेमवाल, कन्हैया प्रसाद सेमवाल, गोपाल सिंह राणा, कृष्णचंद्र शर्मा, ललित मोहन जोशी, संजय वत्स, आरएस ऐरी, सोहन सिंह रावत, संजय नेगी, रेवती नंदन डंगवाल, बद्रीप्रसाद सकलानी, धीरेंद्र पाठक, दिगंबर फुलेरिया, रमेश जोशी, वीरेंद्र, वीरेंद्र चमोली, एचसी पोखरिया ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।