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मरकज में शामिल महिलाओं का अब तक नहीं कोई पता, क्या Lockdown बढ़ने पर सरकार उठाएगी कोई कदम ?

कोरोना वायरस को लेकर हर तरफ तबाही मची है। भारत में भी तकरीब आठ हजार लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 308 लोगों की मौत हो गई है। कोरोना को रोकने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है।, जिसका मियाद 14 अप्रैल यानी मंगलवार को खत्म हो रही है। इसके बावजूद कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। वहीं, अब सरकार लॉकडाउन की अवधि को दो हफ्ते और बढ़ाने पर विचार कर रही है। चर्चा है कि कुछ रियायत के साथ केन्द्र सरकार लॉकडाउन का समय बढ़ा सकती है। इधर, निजामुद्दीन मरकज में शामिल तबलीगी जमात के कारण देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। लेकिन, सवाल यह है कि मरकज में शामिल मुस्लिम महिलाओं की तलाश कब होगी?क्योंकि, जिस जमता के कारण कोरोना मरीजों की संख्या अचानक इतनी बढ़ गई ऐसे में सरकार के लिए जमात में शामिल महिलाओं को ढूंढना चुनौतीपूर्ण है।

दरअसर, निजामुद्दीन मरकज में हुए कार्यक्रम में देश-विदेश के जमातियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई थीं। क्राइम ब्रांच से लेकर अन्य सभी जांच एजेंसियां देशभर में पुरुषों की तलाश तो कर रही हैं, लेकिन इन महिला जमातियों से अंजान बनी हुई हैं। ऐसे में यह महिलाएं देश के लिए बड़ा संकट खड़ा कर सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमात में ये महिलाएं पिता, भाई या बेटे के साथ शामिल होती हैं। इस जमात को मस्तूरात की जमात कहा जाता है, जिसमें महिला और पुरुष दोनों होते हैं। जमात में जाने वाले पुरुष मस्जिद में रुकते हैं, जबकि महिलाएं मस्जिद के आसपास के किसी घर में। लॉकडाउन के दौरान मरकज से काफी संख्या में महिलाएं भी मिली थीं |

जमात से जुड़े एक शख्स का कहना है कि मरकज में महिलाओं के ठहरने के लिए एक अलग से बड़ा हॉल बना हुआ है, वहां पर पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित है। मरकज से मस्तूरात की तीन दिन, 40 दिन और दो महीने की जमातें देश-विदेश में जाती हैं। मार्च महीने में बहुत सी विदेशी मस्तूरात की जमातें दिल्ली में भी आई हुई हैं। यह जमातें दिल्ली की विभिन्न मस्जिदों में रुकी हुई थीं, वहीं कुछ जमातें मरकज में भी रुकी थीं। जिस वक्त मरकज को सील किया गया, उस दौरान महिलाओं को भी क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस के पास ये जानकारी नहीं है कि क्वारंटाइन सेंटर में कितनी महिलाओं को रखा गया है। अब ये मुस्लिम महिलाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही हैं। क्योंकि, एक तो ये बुर्के में रहती हैं और दूसरे के सामने अपना चेहरा नहीं दिखाती हैं। लिहाजा, अब से ज्यादा जरूरी हो गया है कि उन महिलाओं को ढूंढना जो मरकज में शामिल हुई थीं। क्योंकि, उन्हें नहीं ढूंढा गया तो देश में कोरोना का संकट काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर लॉकडाउन की अवधि बढ़ती है तो क्या सरकार इन महिलाओं को ढूंढेगी? क्या इन महिलाओं को ढूंढने के लिए कोई प्लान बनाया जाएगा? क्योंकि, अगर एक भी महिला संक्रमित हुई तो कोरोना को रोकना काफी मुश्किल हो जाएगा?