उत्तराखंड

हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच चलेगी मेट्रो- बनेंगे रोपवे, जानें खासियत

हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। नेपाली फार्म से देहरादून में विधानसभा के पास तक मेट्रों का प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई।

गुरुवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट आथोरिटी की बैठक में यह निर्णय किया गया। सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि दून शहर और हरिद्वार शहर के भीतर यातायात को सरल बनाने के लिए भी सरकार ने निर्णय किया है।

इसके तहत देहरादून शहर में रोपवे बनाएं जाएंगे। जबकि हरिद्वार शहर में पीआरटी का संचालन किया जाएगा। कौशिक के अनुसार सरकार की योजना हरिद्वार में हर की पैडी से चंडी देवी तक रोप वे बनाने की है। इसी प्रकार ऋषिकेश से नीलकंठ को रोपवे से जोड़ने पर सहमति बनी है।

ये है खासियत

  • 73 किलोमीटर देहरादून- हरिद्वार-ऋषिकेश ट्रैक की लंबाई, 10 किलोमीटर लंबा होगा देहरादून शहर के अंदर मेट्रो ट्रैक, 550 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आता है टनल मॉडल में, 200 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आता है एलिवेटेड मार्ग में, 16 हैक्टेयर जमीन चाहिए एक स्टेशन के लिए।
  • प्रोजेक्ट दो चरण में पूरा होना है। पहले चरण में हरिद्वार से ऋषिकेश और देहरादून में आईएसबीटी तक कुल 73 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रैक बनना है। इसका का पहला स्टेशन ज्वालापुर हरिद्वार में पुल जटवाड़ा के पास बनना प्रस्तावित है। यहां से ट्रैक हरिद्वार शहर के अंदरूनी हिस्सों से गुजरेगा।
  • रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हरकी पैड़ी के करीब से होकर हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग के समानांतर निकलते हुए इसका अंतिम छोर ऋषिकेश में चंद्रभागा पुल के करीब होगा। हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच 32 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
  • नेपाली फार्म में एक्सचेंट स्टेशन बनेगा, यहां से देहरादून के लिए अलग लाइन शुरू होगी। जिसका दूसरा छोर देहरादून के आईएसबीटी के करीब होगा। नेपाली फार्म से आईएसबीटी तक करीब 41 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर भी 10 स्टेशन बनने हैं।
  • उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी जितेंद्र त्यागी के मुताबिक मेट्रो का डिजाइन मूलरूप से शहरी यातायात की समस्या दूर करने के लिए किया जाता है। इसके लिए आदर्श तौर पर प्रत्येक एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर एक स्टेशन बनाया जाता है।
  • मेट्रो की औसत गति 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक ही आ पाती है। लेकिन देहरादून से नेपाली फार्म के बीच चूंकि स्टेशन काफी दूरी पर प्रस्तावित हैं, इसलिए यहां औसत रफ्तार 40 तक जा सकती है।
  • देहरादून में आउटर मेट्रो पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत दून में प्रेमनगर से शहर के बीचों बीच से होकर रायपुर तक मेट्रो ले जाने का प्रस्ताव है। हालांकि अभी यह बहुत शुरुआती विचार है। इस पर फिलहाल शुरुआती कसरत ही चल रही है।
  • ट्रैक के लिए डीएमआरसी की ओर से जो शुरुआती रिपोर्ट तैयार की गई है, इसके मुताबिक देहरादून आईएसबीटी से नेपाली फार्म और फिर हरिद्वार- ऋषिकेश क बीच प्रस्तावित ट्रैक पूरी तरह एनएच के साथ साथ चलेगा।
  • यह पूरा ट्रैक तकरीबन एलिवेटेड (सड़क के ऊपर) बनेगा। इसमें स्टेशन भी शामिल हैं। इससे एक तो प्रोजेक्ट की लागत करीब आधी रह जाती है, साथ ही लोगों को विस्थापित करने की समस्या भी पेश नहीं आएगी।