उत्तराखंड

कुंभ: हरकी पैड़ी पर एक साथ 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की No Entry

कुंभ मेले के स्नान के दौरान हरकी पैड़ी पर एक बार में 20 हजार यात्री ही स्नान कर पाएंगे। इससे अधिक श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी पर तब तक एंट्री नहीं दी जाएगी जब तक गंगा घाट में भीड़ कम न हो जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए यह नियम लागू किया जा रहा है। इसके लिए हरकी पैड़ी और मुख्य गंगा घाटों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जा रहा है। यह सॉफ्टवेयर 20 हजार की भीड़ होने के बाद मेला पुलिस को अलर्ट कर देगा। कुंभ मेले में कोरोना को लेकर हाईकोर्ट के सख्त होने के बाद मेला पुलिस ने हरकी पैड़ी और अन्य गंगा घाटों पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की सीमित संख्या निर्धारित कर दी है।

हरिद्वार के 107 गंगा घाटों में एक बार में 1.09 लाख लोग स्नान कर सकेंगे। हरकी पैड़ी पर एक बारी में 20 हजार ही स्नान कर पाएंगे। मालवीय घाट पर 12.825, अस्थी प्रवाह में 1125 और ब्रह्मकुंड और महिला घाट में करीब 5 से 6 हजार श्रद्धालु स्नान कर पाएंगे। जबकि पहले एक बार में 60 हजार से अधिक लोग स्नान कर सकते थे।  लेकिन इस बार कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना है। इसीलिए यह नियम लागू किया जा रहा है।  इसके लिए ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर भी कैमरों में इंस्टॉल किया जा रहा है। यह नई तकनीकी है। जिससे पुलिस को भीड़ की संख्या का पता लग जाएगा।

यह सॉफ्टवेयर आसानी से भीड़ के बारे में कंट्रोल रूम को बता देगा। मेला पुलिस की ओर से 20 हजार लोगों की संख्या सॉफ्टवेयर में निर्धारित की गई है। 20 हजार से एक भी श्रद्धालु अधिक होने पर यह सॉफ्टवेयर पुलिस को अलर्ट कर देगा। लाल रंग की लाइट कंट्रोल रूम में जल जाएगी। जिससे पुलिस को मालूम हो जाएगा कि भीड़ अधिक हो गई और पुलिस पीछे से आने वाले लोगों रोक लेगा। इन लोगों को तभी एंट्री दी जाएगी जब घाट में 20 हजार से कम यात्री होंगे।