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JNU ने हॉस्टल में फंसे छात्रों को दी घर वापस लौटने की सलाह, 25 जून के बाद वापस आ सकते हैं कैंपस

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने कोविड-19 लॉकडाउन नियमों में रियायतें मिलने के बाद हॉस्टल में फंसे छात्रों को अपने-अपने घर लौट जाने की सलाह दी है। डीन, प्रोफेसर सुधीर प्रताप सिंह ने कहा है कि छात्रों को मार्च में यूनिवर्सिटी बंद किए जाने की सूचना और उन्हें घर लौटने की सलाह दी थी।

अभी जारी सर्कुलर में कहा गया है कि कई उस समय विद्यार्थियों ने लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक परिवहन की गैर उपलब्धतता के कारण उस वक्त छात्रावासों में ही रहने देने का आग्रह किया था।

भारतीय रेलवे कुछ विशेष रेलगाड़ियां चला रही है और एक जून से करीब 200 और ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। एक राज्य से दूसरे राज्य के लिए बसें और टैक्सी सेवाएं भी राज्य सरकारों द्वारा शुरू कर दी गई हैं। इसके अलावा कुछ राज्य सरकारों ने विद्यार्थियों की वापसी के लिए परिवहन की व्यवस्था की है।

JNU द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है, “समय-समय पर गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि विद्यार्थी 25 जून या उसके बाद परिसर में लौट सकते हैं और तब तक सभी अकादमिक गतिविधियां बंद रहेंगी।”

इसमें कहा गया, “इस बात को रेखांकित किया जाता है कि भारत सरकार कोविड-19 वैश्विक महामारी स्थिति के बारे में रोजाना जानकारी देती है। वर्तमान में, दिल्ली में संक्रमण के मामले दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए, सभी विद्यार्थी जो फंसे हुए हैं और यहां छात्रावासों में रह रहे हैं, उन्हें अपने गृह प्रदेश लौटने की और विश्विद्यालय खुलने के बाद वापस आने की सलाह दी जाती है।”