उत्तराखंड

पहाड़ में आवागमन बढ़ने से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा, सतर्क रहने की है जरूरत

पहाड़ में लोगों की आवाजाही बढ़ने से कोरोना के संक्रमण की आशंका ज्यादा पैदा हो रही है। इस पर अधिकारी भी निगाह रखे हुए हैं और अहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। आपको बता दें कि इनदिनों पहाड़ में दूसरे प्रदेशों से उत्तराखंडी पहुंच रहे हैं और इसी वजह से संक्रमण फैसले का खतरा भी बढ़ रहा है।

लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद पहाड़ी इलाकों में लोगों का आवागमन गढ़ गया है। दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी संक्रमण की आशंका जताई है। इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने और लोगों से फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ ही होम क्वारंटाइन व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के निर्देश हैं। साथ ही लापरवाही पर मुकदमा दर्ज करने की भी चेतावनी दी है। डीएम सविन बंसल ने कहा कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों में अगर एक व्यक्ति भी संक्रमित होता है तो खतरा और बढ़ जाएगा। इसलिए स्वास्थ्य परीक्षण में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

सर्किट हाउस में बैठक लेते हुए डीएम सविन बंसल ने कहा कि सीआरटी (सिटी रिस्पांस टीम) व वीआरटी (विलेज रिस्पांस टीम) को बाहर से आने वाले लोगों का पूर्ण विवरण के साथ डाटा अंकन करना होगा। अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी सीआरटी व बीआरटी के साथ सूचनाएं साझा करें। बाहर से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से 14 दिन का होम क्वारंटाइन कराया जाए।

बार-बार चेतावनी के बाद भी होम क्वारंटाइन का पालन नहीं करने वाले लोगों के लिए जिला प्रशासन ने एकबार फिर सख्त रवैया अपनाया है। डीएम ने कहा कि होम क्वारंटाइन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। साथ ही संस्थागत क्वारंटाइन करा दिया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ऐसे लोगों की जानकारी देने का अनुरोध किया है।