उत्तराखंड

बिना जांच रिपोर्ट ही ड्यूटी पर लौटे डॉक्टर-स्टाफ, संक्रमण की पुष्टि होने पर मचा हड़कंप

कोरोना पॉजिटिव आए कोरोनेशन अस्पताल के डॉक्टर-कर्मचारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी चूक सामने आई है, जिसके बाद अब न केवल विभाग बल्कि अस्पताल तक में हड़कंप मचा रहा। हुआ ये कि यह सभी कर्मी सैंपल देने के बाद से होम आइसोलेशन में थे। पर तीन दिन पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात एक अधिकारी ने चिकित्सकों के एक वॉट्सएप ग्रुप में इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने की जानकारी डाल दी। इस पर अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भागीरथी जंगपागी ने भी तुरंत सभी को वापस ड्यूटी पर बुला लिया। शुक्रवार रात इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो इसे लेकर हड़कंप मच गया। इनमें एक वरिष्ठ फिजीशियन ने इस बीच मुख्यमंत्री का हेल्थ चेकअप भी किया था। बहरहाल, शनिवार रात सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद अब अधिकारियों ने भी राहत की सास ली है।

दरअसल, कुछ दिन पहले दून अस्पताल से डिस्चार्ज एक युवती होम आइसोलेशन में जाने के बजाय अपने बीमार भाई संग कोरोनेशन अस्पताल पहुंच गई थी। उसके बाद से उसके संपर्क में आए डॉक्टर-कर्मचारियों को आइसोलेट कर दिया गया था। साथ ही उनका सैंपल भी कोरोना जांच के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि 18 जून की शाम को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने रिपोर्ट नेगेटिव आने की सूचना चिकित्सकों के वॉट्सएप ग्रुप पर शेयर की। जिससे यह सभी निश्चिंत हो गए और आइसोलेशन से बाहर भी आ गए। अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि वॉट्सएप ग्रुप पर रिपोर्ट नेगेटिव आने की बात कही गई थी।
इसके बाद ही चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को ड्यूटी ज्वाइन करने का पत्र भेजा गया, लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें पुन: आइसोलेट होने को कह दिया था। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि रिपोर्ट पर कुछ भ्रम था। ऐसे में सभी की जांच दोबारा कराई गई और रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उनका कहना है कि चिकित्सक और स्टाफ पूरे एहतियात के साथ काम कर रहे हैं और उनका मनोबल बढ़ाया जाना चाहिए।
कोरोनेशन अस्पताल और तीलू रौतेली महिला छात्रावास स्थित कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर-कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित आने से आला अधिकारी भी चिंता में दिखे। शनिवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती खुद कोरोनेशन अस्पताल पहुंचीं और चिकित्सकों और अन्य स्टाफ के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। पूरी सावधानी और एहतियात के साथ मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इससे पहले अस्पताल में ओपीडी बंद किए जाने को लेकर चर्चाएं चलती रही।
स्वास्थ्य महानिदेशक के साथ हुई चिकित्सक और अन्य स्टाफ की बैठक में भी यह मुद्दा उठा। पर अंत में एहतियात के साथ ओपीडी संचालित करने का निर्णय लिया गया। वहीं, अस्पताल परिसर को सैनिटाइज भी कराया जा रहा है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भागीरथी जंगपागी ने बताया कि जिन चिकित्सकों और कर्मचारियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह सभी आइसोलेशन में थे। अब पुन: जांच कराई गई है और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है। बताया कि तमाम एहतियात बरतते हुए ओपीडी, इमरजेंसी समेत अन्य तमाम स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी।