उत्तराखंड

लॉकडाउन: महिलाओं के खिलाफ मोबाइल-सोशल मीडिया पर बढ़े अपराध-08 दिनों में 16 शिकायतें दर्ज

लॉकडाउन में भले ही चारों तरफ पुलिस है। चोरी, डकैती और हत्या जैसे अपराध कम हो गए हों, लेकिन अब महिलाओं से मोबाइल-सोशल  पर अश्लीलता के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले आठ दिनों में उत्तराखंड भर  से महिलाओं की सोलह से अधिक शिकायतें पुलिस मुख्यालय स्थित महिला सेल में दर्ज हो चुकी हैं।

24 मार्च को राज्यभर में लॉकडाउन के बाद सड़कों पर पुलिस का मूवमेंट और कार्यशैली भी बदल गई है। दूसरी ओर, अपराधों का तरीका भी बदल गया है। खासकर, महिला अपराध। पिछले करीब आठ दिनों में उत्तराखंड के कई इलाकों से पुलिस मुख्यालय के महिला सेल में दर्ज हुईं शिकायतें इस बदले हुए ट्रेंड को साफ दर्शा रही हैं।

महिला सेल में 1090 और 112 नंबर पर लॉकडाउन के पिछले आठ दिनों में 16 शिकायतें आईं। यानी हर दिन में तकरीबन दो शिकायतें। इसके अनुसार, ज्यादातर शिकायतें महिलाओं को मोबाइल पर अश्लील मैसेज/कॉल और सोशल मीडिया पर परेशान करने से जुड़ी हुई हैं। घरेलू हिंसा की कुछ शिकायतें भी आईं हैं। एक-दो शिकायतें पड़ोसियों से विवाद को लेकर भी दर्ज हुई हैं।

इधर, डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से अपराध कम हुए हैं। पर, आपराधिक प्रवृत्ति वाले कुछ लोग मोबाइल फोन या सोशल मीडिया से महिलाओं को परेशान कर रहे हैं, इन पर आईटी ऐक्ट और अन्य धाराओं में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

पहले शारीरिक छेड़छाड़ या घरेलू हिंसा की शिकायतें ज्यादा आती थीं
लॉकडाउन से पहले भी लगभग हर दिन में औसतन दो से तीन शिकायतों का ही आंकड़ा रहता था। तब शारीरिक छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, मारपीट या फिर पति के अवैध संबंधों की शिकायतें आती थीं।

लॉकडाउन में भी हर दिन चौबीस घंटे मुस्तैद रहती है महिला सेल
देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में महिलाओं की मदद के लिए बनी महिला सेल लॉकडाउन में भी 24 घंटे खुली है। यह सेल शिकायतें सुनकर संबंधित जिलों को कार्रवाई के लिए मामले भेजती है।