उत्तराखंड

राजधानी की आजाद कॉलोनी को ईद से पहले मिली खुशियां, पाबंदी हटी

सोमवार को 24वां रोजा आजाद कॉलोनी के करीब तीन हजार लोगों के लिए ईद से पहले खुशियां लेकर आया। डीएम के आदेश पर यहां सात लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर लगी सील 28 दिन बाद खोल दी गई।

सील खुलने के बाद लोगों में खुशी है, वो पुलिस, मेडिकल, सफाई कर्मियों का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे। हिन्दुस्तान टीम सोमवार को सील खुलने पर आजाद कॉलोनी पहुंची।

टैक्सी चालक खलीक अहमद 28 दिन बाद कॉलोनी से बाहर आए है, कहते है टैक्सियों का संचालन बंद पड़ा है। अब फिर से उसे शुरू कर करने की कोशिश की जाएगी।

हेल्थ पोस्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे डा. प्रदीप कांडपाल, डा. मानसी नैथानी और उनकी टीम उत्साह से लबरेज है। वो यहां के एसपीओ और जिम्मेदार लोगों की सराहना करते है कहते है कि उन्होंने पूरा सहयोग किया।

जब भी जरूरत पड़ी, 24 घंटे खड़े मिले। ऐसी ही सराहना एएसआई नरेंद्र कुमार करते दिखाई दिये। सीएचसी रायपुर से डा. रचित गर्ग, इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी, आईएसबीटी चौकी प्रभारी विवेक भंडारी विशेष तौर पर सभी का आभार जताने पहुंचे और सभी को बधाई दी एवं एहतियात बरतने को कहा।

युवक आलम ने अपनी कन्फेक्शनरी की दुकान में हेल्थ पोस्ट संचालित करवाया। सिपाही फरमान अली, आशीष डोबरियाल, एएनएम किरण फरस्वाण, आशा सफिया नूर, सुशीला, प्रेमलता यहां पूरी शिद्ददत के साथ जुटे रहे।

यहां लोगों की खिदमत में जुटे रिंकू, ताहिर, अजीम, तौफीक खान, तौसीफ, आबिद, सलीम, खलीक अहमद, जाकिर, इमाम मुफ़्ती वासिल, मोअज्जिन हाशिम आदि का कहना था कि अब पाबंदी खुल गई है तो ईद की खुशियां तो मनाएंगे।

लेकिन जरूरतमंदों के साथ खुशियां बांटकर। वहीं, सोशल डिस्टेंस एवं मास्क और सेनेटाइजर का प्रयोग बिल्कुल हर हाल में किया जाएगा। जिससे कोरोना को हराया जा सके। उन्होंने प्रशासन, हेल्थ, पुलिस टीम की सराहना की।