उत्तराखंड

विधानसभा सत्र:तैयारियों के बीच विधायकों में कोरोना के मामले बढ़े

विधानसभा सत्र की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, राज्य के विधायकों में संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सत्र को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन, नियमों के अनुसार यदि 10 विधायक भी सदन में पहुंचें या वर्चुअल तरीके से शामिल हो गए तो विधानसभा का कोरम पूरा माना जाएगा।

विधानसभा सचिवालय का मानना है कि ज्यादा विधायकों के संक्रमित होने पर भी सत्र टलना मुश्किल है। दरअसल, 25 सितंबर से पहले राज्य में विस सत्र कराना संवैधानिक बाध्यता है। ऐसे में सत्र का आयोजन तय समय पर ही होगा। विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरुवार को विधानसभा में पत्रकारों से कहा कि सत्र 23 सितंबर से शुरू होगा।

ज्यादा विधायकों के संक्रमित होने पर क्या सत्र आगे खिसक सकता है, इस पर अग्रवाल ने कहा कि दस विधायक भी यदि सदन में या वर्चुअल तरीके से शामिल हो गए तो कोरम पूरा माना जाएगा। उधर, सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय ने तैयारी कर ली है। सभी विधायकों को सदन के साथ वर्चुअल तरीके से शामिल होने का विकल्प दिया जा रहा है।

यह विधायकों पर छोड़ दिया गया है कि वह सदन में आकर कार्यवाही में भाग लेना चाहते हैं या वर्चुअल तरीके से। हालांकि 65 साल से अधिक उम्र के 12 विधायकों को वर्चुअल तरीके से ही सत्र में शामिल होने का अनुरोध किया जा रहा है।